तुमने अपने जीवन के नौ वर्ष सेना में रहकर देश की सेवा की। उसके बाद तुम्हारी राह हमें मिली और तुम हमारे स्कूल के बच्चों के बीच उनके जीवन में प्यार, अपनापन और खुशियाँ बाँटने आ गईं। धीरे-धीरे तुम स्कूल का ही हिस्सा नहीं, बल्कि मेरे जीवन का हिस्सा बन गईं।
शायद मेरा तुमसे कोई पिछला रिश्ता था…
कोई अनकहा संबंध, कोई अधूरा अपनापन, जिसे पूरा करने तुम मेरे जीवन में आई थीं। शायद तुम अपने हिस्से का प्यार मुझसे लेने आई थीं और बदले में अपना निर्मल, निःस्वार्थ स्नेह मेरे जीवन में छोड़ गईं।
तुम बोल नहीं सकती थीं, लेकिन तुम्हारी आँखें बहुत कुछ कहती थीं। तुम्हारा मेरे पास आना, मचलते हुए ,जताते हुए प्यार करते हुए बैठना और मुझे देखते ही खुश हो जाना… इन छोटी-छोटी बातों में जो अपनापन था, उसकी गहराई आज तुम्हारे जाने के बाद महसूस हो रही है।
तुम्हारे जीवन के अंतिम सफर से पहले में तुम्हारे पास रह सकी, तुम्हें अपने सामने विदा होते देखी ,मेरे हाथों में तुम्हें थामी रही । यह मेरे लिए सौभाग्य भी है, और जीवन की सबसे पीड़ादायक स्मृतियों में से एक भी।
आज मन स्वीकार नहीं कर पा रहा कि अब तुम्हारी आहट सुनाई नहीं देगी, तुम दौड़ती हुई मेरे पास नहीं आओगी और तुम्हारा मासूम चेहरा देखकर मेरे चेहरे पर वह अनायास मुस्कान नहीं आएगी।तुम्हारा प्यार अब मुझे बिन मांगे ही नहीं मिलेगा।
तुम्हें विदा कैसे करूँ मेरी बच्चू ?
कुछ रिश्तों के लिए शब्द बहुत छोटे पड़ जाते हैं और तुम्हारे साथ मेरा रिश्ता उन्हीं में से एक था।
हम तुम्हें मिट्टी के हवाले कर देंगे पर तुम्हारे साथ बिताए हर पल को अपने हृदय में सहेज रही हूँ।
कल से स्कूल वही परिसर होगा, वही रास्ते होंगे, वही बच्चे होंगे… बस तुम नहीं होगी।
और शायद इसी ‘न होने’ में तुम्हारी सबसे गहरी मौजूदगी हमेशा महसूस होती रहेगी।
तुम्हारे जाने से मेरे भीतर एक ऐसी जगह खाली हो गई है, जिसे कोई भर नहीं सकेगा। लेकिन तुम्हारी याद केवल आँसू बनकर नहीं आएगी। तुम मेरे चेहरे पर मुस्कान बनकर भी लौटोगी, क्योंकि तुमने मेरे जीवन को अपने प्यार से जितना भरा है, उतना तुम्हारी विदाई खाली नहीं कर सकती।
मेरी Paw-Daughter, यह तुम्हारी अंतिम विदाई नहीं है… बस इस जन्म के लिए तुमसे विदा ले रही हूँ।अगर सचमुच कोई अगला जन्म होता है,अगर आत्माएँ अपने अपनों को पहचानती हैं,
तो वहाँ मुझे देखकर एक बार फिर दौड़ते हुए आना …मेरे हाँथों में अपना सर सहलाना , मेरे पास आना…और बिना कुछ कहे मुझे पहचान लेना।
तुम अपने हिस्से का प्यार मुझसे ले गईं
और अपना निर्मल स्नेह मेरे पास छोड़ गईं।
जाओ मेरी बच्ची… अब तुम्हें कोई दर्द नहीं होगा।
तुम्हारी यात्रा पूरी हुई।
मेरी बाँहों से दूर हुई हो,मेरी आँखों से ओझल हुई हो,लेकिन मेरे दिल से कभी दूर नहीं होगी।
शांति से सोना मेरी Paw-Daughter…
तुम्हारा प्यार मेरी स्मृतियों में हमेशा साँस लेता रहेगा।और जब कभी तुम्हारी याद आएगी,आँखें नम होंगी…लेकिन चेहरे पर मुस्कान भी होगी।
क्योंकि जिन्हें हम प्यार करते हैं वो चले जाने के बाद भी हमारे भीतर से कभी नहीं जाते। 🐾❤️
ईश्वर तुम्हें मोक्ष दे। 🐶😘


