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Thursday, July 19, 2012

ज़िन्दगी




हर रूप हर रंग में,
ढलती है जिंदगी .. ,


आंसुओं में धुंधली ,
हंसी में खुलकर बिखरती है जिंदगी ,..


कभी साज़, कभी आवाज़ .

सांसों का राग है जिंदगी ,..


कभी खिखिलाहट,कभी उदासी ,

ग़मों का आगाज़ , है जिंदगी,..


जिए जो हर पल, तो एहसास है जिंदगी ,

वर्ना ख़्वाबों सा अरमान है जिंदगी ...

(मधुलिका )

19 comments:

  1. हल्के हल्के अल्फाज़ों से उतर कर , वज़नदार ख्याल आपने प्रस्तुत किया .. !!
    बहुत ही भावना प्रधान लेखन ...!!

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    1. गूढता जब सरलता में प्रवाहित हो जाए तो वो सर्वमान्य-सर्वसुलभ हो जाती हैं...
      हार्दिक आभार

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  2. बहुत सुन्दर रचना मधुलिका जी.....
    मधु घोलती सी.....

    अनु

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    1. मधुमिश्रित शुभकामनाओं हेतु आभारी हूँ

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  3. हर रूप हर रंग में,
    ढलती है जिंदगी .. ,
    आंसुओं में धुंधली ,
    हंसी में खुलकर बिखरती है जिंदगी

    Nice

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  4. आज 09/09/2012 को आपकी यह पोस्ट http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की गयी हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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  5. बहुत सुन्दर है यह रचना..
    प्यारी सी..
    :-)

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    1. हृदयश: कोटिश आभार रचना जी

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  6. कल 15/09/2012 को आपकी यह बेहतरीन पोस्ट http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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  7. पिछली टिप्पणी मे तारीख की गलत सूचना देने के लिये खेद है
    ----------------------------
    कल 16/09/2012 को आपकी यह बेहतरीन पोस्ट http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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  8. Replies
    1. कोटिश : आभार गीत जी

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  9. जिंदगी के रूप को बयां करती हुई शानदार कविता...बहुत खूब |
    सादर |

    मेरा ब्लॉग आपके इंतजार में,समय मिलें तो बस एक झलक-"मन के कोने से..."
    आभार...|

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    1. एक प्रयास था ...ख़ुशी हुई आप लोगों की सराहना पाकर...धन्यवाद .

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  10. बहुत खूबसूरत !
    ~कभी सुक़ून-ओ-चैन के संग...
    कभी विरोधाभास में... जीती है ये ज़िंदगी..~

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    1. क्षमा की आपके शब्दों की ऊर्जा का प्रतिदान मिलने पर आभार ज्ञापन में विलम्ब हुआ..
      कोटिश : साधुवाद :)

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  11. सही नजरिया ………… बेहतरीनं। ……

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    1. हार्दिक धन्यवाद :)

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